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श्री शिव शक्ति वैदिक गुरुकुलम

श्री शिव शक्ति वैदिक गुरुकुलम

⚜️⚜️ प्रेरक एवं संरक्षक ⚜️⚜️ ।। सनातन सेवा समिति ।।
अनंत श्री विभूषित आनंद पीठाधीश्वर पूज्य सच्चिदानंदाचार्य श्री सच्चिदानंद जी महाराज

पूज्य महाराज जी का संकल्प एवं उद्देश्य: लुप्त होती जा रही भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा, संस्कृत भाषा तथा षोडश संस्कारों के पुनरुत्थान के लिए पूज्य महाराज जी की असीम प्रेरणा से इस आवासीय गुरुकुलम की स्थापना की गई है। महाराज जी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक वर्ण के बालक को सनातन धर्म के वास्तविक मूल्यों, वेदों, पुराणों, उपनिषदों, गीता और शास्त्रों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और व्यापारिक व्यवहारिकता से संपन्न बनाना है ताकि आने वाली पीढ़ी ब्रह्मतेज और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो सके।

🎥 shr श्री शिव शक्ति वैदिक गुरुकुलम् परिचय वीडियो 🎥

🚩 श्री शिव शक्ति वैदिक गुरुकुलम : एक परिचय एवं पावन लक्ष्य 🚩

"स्थान: स्वामी मोहल्ला, दाऊजी धाम, मुरैना, (म.प्र.)"

सभी महानुभावों को ज्ञात है कि आपके शहर मुरैना में लुप्त होती जा रही हमारी महान भारतीय संस्कृति, वैदिक धरोहर और संस्कारों के संवर्धन के लिए आवासीय श्री शिव शक्ति वैदिक गुरुकुलम का शुभारंभ हो चुका है। यहाँ समाज के सभी वर्णों के बालकों को बिना किसी भेदभाव के धर्म, वेदों, पुराणों, उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता की संपूर्ण एवं प्रामाणिक शिक्षा दी जाती है। यहाँ विद्यार्थियों को केवल शास्त्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक युग में उन्नति करने के लिए शस्त्र, तकनीकी, व्यापार एवं व्यवहार जगत की हर उपयोगी जानकारी प्रदान की जाती है।

🛡️ संपूर्ण व्यवस्था (विद्यार्थियों के लिए पूर्णतः निशुल्क):
गुरुकुलम में बालकों के लिए विद्या, भोजन, वस्त्र, आवास तथा चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था पूर्णतः निशुल्क (Absolutely Free) है। छात्रों के रहने और खाने की उत्तम व्यवस्था सनातन सेवा समिति द्वारा की जाती है ताकि वे एकाग्रचित्त होकर अपनी साधना और शिक्षा पूर्ण कर सकें।

🎯 गुरुकुलम के मुख्य उद्देश्य:
* सनातन धर्म की रक्षा: समस्त वैदिक धर्मियों के घर, गाँव एवं संपूर्ण भारत देश का प्रत्येक मानव तथा हमारी आने वाली पीढ़ी अपने महान धर्म को समझे और आत्मज्ञान व ब्रह्मतेज से संपन्न हो सके।
* षोडश संस्कार जागरण: मानव जीवन के १६ संस्कारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना ताकि भारतवर्ष के प्रत्येक घर में इन संस्कारों का महत्व स्थापित हो सके और हर मनुष्य सुसंस्कारित बने।
* संध्यावंदन एवं दैनिक नियम: प्रत्येक घर में सभी वेदाधिकारी बालक व मनुष्य प्रतिदिन शास्त्र सम्मत त्रिकाल संध्या वंदन और वैदिक जीवन शैली को धारण कर सकें। साथ ही जो ब्राह्मण कर्म से जीविका नहीं चला पा रहे हैं, उन्हें भी पुनः वैदिक कर्मों और पौरोहित्य से जोड़ना।
* संस्कृत संभाषण: समस्त वैदिक धर्म के छात्र या उनके अभिभावक संस्कृत संभाषण में दक्ष बन सकें और हमारी देववाणी को विश्व पटल पर पुनः उसका गौरवमयी स्थान दिला सकें।

🌟 गुरुकुलम की मुख्य विशेषताएं:
* प्राचीन और आधुनिक शिक्षा का समन्वय: शास्त्रों के ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा की भी सर्वोत्कृष्ट व्यवस्था है। गुरुकुल के द्वारा पूर्व मध्यमा, उत्तर मध्यमा, शास्त्री, आचार्य एवं पी.एच.डी. की डिग्रियां (मान्यता प्राप्त बोर्ड व विश्वविद्यालय द्वारा) प्रदान की जाएंगी, जिससे भविष्य में सरकारी नौकरियों की प्राप्ति भी सुनिश्चित हो सके।
* व्यावहारिक एवं कंप्यूटर ज्ञान: वैदिक, शास्त्रीय और पौराणिक ज्ञान के अलावा व्यावहारिक ज्ञान, भारतीय संस्कृति और आधुनिक कंप्यूटर क्लासेस की पूर्ण व्यवस्था है ताकि छात्र आज के तकनीकी युग में पीछे न रहें।
* सर्वांगीण विषय ज्ञान: वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए केवल संस्कृत-वेद ही नहीं, अपितु गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी आदि विषयों का भी संपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाता है।
* पूर्णतः अनुशासित जीवन: छात्रों को शारीरिक व मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित योग, प्राणायाम, व्यायाम और क्रीड़ा (खेलकूद) की विशेष व्यवस्था है। यहाँ का शिक्षण कार्य उज्जैनी, काशी, दक्षिण भारतीय तथा वृंदावनीय पद्धति के आधार पर निर्धारित पाठ क्रमानुसार कराया जाता है।

📚 हमारा विस्तृत पाठ्यक्रम:
वेद-वेदांग, श्रीमद्भागवत महापुराण, ज्योतिष शास्त्र, कर्मकाण्ड (यज्ञ, अनुष्ठान, प्राण-प्रतिष्ठा आदि), व्याकरण, वैदिक गणित, योग विद्या, संगीत विद्या (गायन-वादन), आधुनिक शिक्षा, अंग्रेजी और कंप्यूटर शिक्षा आदि का संपूर्ण समावेश।

📅 गुरुकुलम दैनिक समय सारिणी (शास्त्र सम्मत दिनचर्या) 📅

गुरुकुल के विद्यार्थियों की पूरी दिनचर्या शास्त्रों के नियमों और आत्म-अनुशासन के आधार पर संचालित होती है, जो इस प्रकार है:

समय नियत गतिविधि / दिनचर्या
03:00प्रातः जागरण (ब्रह्ममुहूर्त)
03:00 से 04:00व्यायाम, योग एवं प्राणायाम
04:00 से 04:45स्नान एवं नित्यकर्म की तैयारी
04:45 से 05:45संध्या वंदन / अग्निहोत्र (यज्ञ) / सूर्य नमस्कार
05:45 से 07:00सामूहिक दुर्गा सप्तशती पाठ
07:00 से 08:00आरती एवं स्तुति
08:00 से 08:30बालभोग (प्रातःकालीन अल्पाहार)
08:30 से 11:00शैक्षणिक कक्षा (प्रथम सत्र)
11:30 से 12:00माध्यान्ह संध्यावंदन
12:00 से 02:00भोजन एवं विश्राम
02:00 से 04:30शैक्षणिक कक्षा (द्वितीय सत्र - आधुनिक विषय व कंप्यूटर)
04:30 से 05:30क्रीड़ा समय (खेलकूद एवं शारीरिक विकास)
05:30 से 06:00सायं स्नान व स्वच्छता
06:00 से 06:30सायं संध्यावंदन
06:30 से 07:30सामूहिक रुद्राभिषेक / सायं आरती
07:30 से 08:30भोजन (रात्रि प्रसाद)
08:30 से 09:00रामचरितमानस पाठ / रात्रि पाठ
09:00शयन (विश्राम)
अवकाश दिवस (प्रतिपदा / अष्टमी)नित्यकर्म एवं पाक्षिक गतिविधि परीक्षण

🔱 गुरुकुलम प्रवेश हेतु जुड़ें 🔱

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